अंतिम संस्कार के लिए करीब 350 शव पड़े हुए थे। हमने तय किया कि दो दिनों के अंदर सभी शवों का उनके धर्मों के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा। अब एक भी शव नहीं बचा हुआ है। अब जिस दिन मरीज की मृत्यु होती है उसी दिन उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया जाता है।
एलएनजेपी अस्पताल के दौरे पर उन्होंने कहा कि इससे जनता का भरोसा और स्वास्थ्यकर्मियों का हौसला बढ़ा है। नर्सों के साथ मिलकर उन्होंने उनकी समस्या को समझा। उनके लिए काउंसिलिंग की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि हर कोरोना वार्ड में सीसीटीवी लगाया गया है और साथ की किचन के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।