दिल्ली हाईकोर्ट ने कुकर्म के आरोपी एक एचआईवी संक्रमित व्यक्ति को दोषमुक्त करार दिया है। एचआईवी संक्रमित पर आरोप था कि उसने किशोर के साथ आप्राकृतिक यौन संबंध बनाए जिसकी वजह से उसमें भी एचआईवी संक्रमण का खतरा था।
जस्टिस इंद्रमीत कौर ने हाल ही में बीरेंद्र की ओर से दायर की अपील के आधार पर बताया है कि उसने किशोर के साथ ऐसा कुछ भी नहीं किया है जिससे कि उसे एचआईवी होने का खतरा हो और न ही इन आरोपों की मेडिकल में पुष्टि हुई है।
जस्टिस कौर ने वसंत विहार थाने में दायर कि गई पुलिस रिपोर्ट का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह पता लगा है कि आरोपी ने किशोर के साथ अप्राकृतिक संबंध नहीं बनाए हैं। कौर के अनुसार अभियुक्त को भी पता है कि उसके ऐसा करने से एचआईवी संक्रमण बढ़ेगा।
आरोप था कि पेशे से दुकानदार बीरेंद्र ने अपनी दुकान के दरवाजे बंद करके एक लड़के को पैसे का लालच देकर उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए। मामले की जानकारी होने पर लड़के के पिता ने दुकानदार को आरोपी बनाते हुए मुकदमा दायर कर दिया।