अपनी मांगों को लेकर डॉक्टरों द्वारा की गई हड़ताल के बाद शनिवार को उत्तरी दिल्ली नगर निगम का सबसे बड़ा हिंदूराव अस्पताल कोविड अस्पताल के रूप में शुरू हो गया। हालांकि, पहले दिन मरीजों की संख्या 10 के करीब रही। इसमें से एक मरीज को स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भर्ती भी किया गया है।
दरअसल, हिंदूराव अस्पताल शुक्रवार से कोविड अस्पताल के रूप में शुरू होना था, लेकिन डॉक्टरों की नाराजगी और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा प्रदर्शन करने के कारण इसे शनिवार से शुरू करने का निर्णय लिया गया।
ऐसे में शनिवार सुबह डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया, जिसके बाद डॉक्टरों की मांगों को मानते हुए प्रदर्शन खत्म करा अस्पताल में कोरोना मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया। काफी समय से अस्पताल के डॉक्टर अपने ठहरने की व्यवस्था के साथ वेतन आदि की भी मांग कर रहे थे।
डॉक्टरों के ठहरने के लिए होटल में किया बंदोबस्त
हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिमन्यु सरदाना ने बताया कि डॉक्टरों के ठहरने की परेशानी थी। ऐसे में हमारी मांगों को देखते हुए करीब 56 डॉक्टरों के लिए कनॉट प्लेस के एक होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई है।
इसके साथ ही अस्पताल परिसर में एसी आदि को ठीक कराने का काम भी चल रहा है। हालांकि, डॉक्टर का कहना है कि उन्हें अभी भी दो माह का वेतन नहीं मिला है, इसके लिए भी प्रशासन से गुहार लगाई है। हिंदूराव अस्पताल में करीब 80 रेजिडेंट डॉक्टर व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ है।
हिंदूराव अस्पताल में 943 बेड की क्षमता
हिंदूराव अस्पताल में 943 बेड की क्षमता है। इसके अलावा यहां 17 वेंटिलेटर, आठ आईसीयू, चार एचडीयू और 250 ऑक्सीजन बेड की सुविधा है। इससे पहले दिल्ली सरकार ने दो हजार बिस्तर वाले लोकनायक अस्पताल व 1500 बिस्तर वाले जीटीबी अस्पताल को कोविड अस्पताल घोषित कर रखा है।