फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपनों ने छोड़ा साथ तो हिंदू परिवार ने दिया फातमा को सहारा

विज्ञापन
विज्ञापन
बुढ़ापे में मुस्लिम महिला को छोड़कर उसका बेटा, बहु और पोते चले गए। महिला को हिंदू परिवार ने आश्रय देकर मिसाल कायम की है।
विज्ञापन


करीब 25 वर्ष से फातमा माई के रहने, खाने-पीने और इलाज समेत सभी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। फातमा माई (80) को हिंदू परिवार के पास रहने और उसके परिजनों द्वारा छोड़कर जाने का कोई मलाल नहीं है।

दादरी के रेलवे रोड पर एक हिंदू परिवार ने 25 वर्ष से मुस्लिम महिला को शरण दी है। सालों पहले फातमा माई का बेटा रहीसुद्दीन, पुत्रवधू सलमा, तीन पोते उनको छोड़कर दूसरी जगह चले गए।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

घर से ही बनकर जाता है उनके लिए खाना

दादरी के इंद्रराज सिंह ने अपने अहाते में फातमा के लिए दो कमरे बनवाए हैं। घर से ही खाना भेजा जाता है। बीमार होने पर उनका इलाज भी करवाया जाता है।

बुजुर्ग महिला को सरकार से कोई पेंशन या दूसरी सुविधा नहीं मिलती। जरूरत के मुताबिक उन्हें रुपये भी दिए जाते हैं। फातमा वहीं पर नमाज भी पढ़ती हैं।

इंद्रराज सिंह का कहना है कि हिंदू और मुस्लिम में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने मानवता के नाते अपना फर्ज निभाया। कुछ लोग राजनैतिक लाभ लेने के लिए आपस में दरार पैदा कर एकता को खत्म करना चाहते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें