छात्र-छात्राओं को भाषा में निपुण बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब उच्च शिक्षा में छात्र-छात्राओं के लिए हिंदी और अंग्रेजी विषय पढ़ना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था को लागू कराने के लिए यूजीसी ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र भेजा है। इस बारे में विश्वविद्यालय को 25 जून तक यूजीसी को जवाब देना है।
केंद्रीय हिंदी समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर विद्यार्थियों को हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों मुख्य विषय के रूप में पढ़ाया जाए। छात्र चाहे किसी भी स्नातक पाठ्यक्रम में एडमिशन लें लेकिन उन्हें हिंदी और अंग्रेजी भाषा मुख्य विषय के रूप में पढ़नी होगी।