मेट्रो, हाईस्पीड ट्रेन और एक्सप्रेस-वे गाजियाबाद के विकास को ऐसी गति देंगे कि आने वाले पांच साल में अपना जिला गाजियाबाद बदला-बदला सा नजर आएगा।
दिल्ली से मेरठ तक हाईस्पीड ट्रेन न केवल सफर आसान करेगी, बल्कि इससे राजनगर एक्सटेंशन से लेकर पाइपलाइन रोड तक का नजारा ही बदल जाएगा। जबकि मेट्रो विस्तार से दिलशाद गार्डन से लेकर नया बस अड्डा तक कमर्शियल गतिविधियां बढ़ जाएंगी।
सेकेंड फेज मेट्रो विस्तार के साथ ही 12 किमी लंबे इस रूट के इलाकों का कायाकल्प शुरू हो जाएगा। दिलशाद गार्डन यानि दिल्ली से गाजियाबाद की दूरी को मेट्रो सिर्फ 18 मिनट में तय करेगी।
ऐसे होगी बदलाव की प्रक्रिया
हाईस्पीड ट्रेन आनंद विहार से हिंडन किनारे से होते हुए राजनगर एक्सटेंशन से गुजरेगी। नए एलाइनमेंट में इसका एक स्टेशन राजनगर एक्टेंशन होगा, ताकि यहां की बड़ी आबादी को हाईस्पीड ट्रेन का लाभ मिले। हाईस्पीड की सुविधा मिलते ही न केवल राजनगर एक्सटेंशन, पाइपलाइन के आसपास प्रस्तावित जीडीए की 2500 एकड़ की मेगा सिटी के निवासियों को भी लाभ मिलेगा। नार्दन पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के किनारे बसने वाली आईटी सिटी, मल्टीनेशनल कंपनियों की वेयरहाइसेस, औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को भी हाईस्पीड का लाभ मिलेगा।
मेट्रो चमकाएगी 12 किलोमीटर का क्षेत्र
जीटी रोड के किनारे कई औद्योगिक इकाइयां या तो बीमार हैं या फिर घाटे में चल रही हैं। इन इकाइयों का लैंड यूज चेंज होगा। मॉल्स-मल्टीप्लेक्स के अलावा कई इकाइयों की जमीन पर ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट भी खड़े किए जाने की योजना है। एक अनुमान के मुताबिक इस रूट पर करीब दो दर्जन मॉल्स, इतने ही मल्टीप्लेक्स, बड़ी कंपनियों के शोरूम आदि प्रोजेक्ट होंगे। इस रूट पर प्रस्तावित मेट्रो के सातों स्टेशन पर फूड प्लाजा खुलने की संभावना है। कुल मिलाकर यह रूट शहर की कायाकल्प करने वाला है।
दिल्ली जल बोर्ड के साथ होगी पानी की शेयरिंग
पाइप लाइन रोड किनारे लोगों को सुगम यातायात के साथ गंगाजल मिलने की उम्मीदें परवान चढ़ रही हैं। जीडीए ने मुरादनगर से दिल्ली तक बिछाई जाने वाली तीसरी वाटर लाइन से पानी शेयरिंग करने पर दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों को प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक दिल्ली जल बोर्ड 270 क्यूसेक क्षमता की बजाय 320 क्यूसेक क्षमता वाला पाइपलाइन बिछाए। जीडीए बढ़ी लागत को आनुपातिक रूप से वहन करेगा। इससे करीब 50 क्यूसेक पानी शहर को मिलेगा। इस पानी को राजनगर एक्सटेंशन, एनएच-58 किनारे की कालोनियों को सप्लाई किया जाएगा।