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इलाज में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, दिल्ली सरकार को दिए जांच के निर्देश

Sun, 21 Jun 2020 05:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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दिल्ली उच्च न्यायालय (फाइल फोटो)
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दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के प्राइमस सुपर स्पेशलिटी निजी अस्पताल में मरीज के इलाज में गंभीर लापरवाही को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली सरकार को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। 

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याचिका में आरोप लगाया है कि अस्पताल ने पीड़िता में कोविड19 के लक्षण दिखाई देने के बावजूद उसकी कोविड19 जांच नहीं की गई।  न्यायमूर्ति नवीन चावला ने याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए याचिका पर सुनवाई की। 

याचिका पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने गौर किया कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर लगाए गए आरोपी गंभीर प्रकृति के हैं। इस बाबत कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि याचिका में लगाए आरोपों की जांच करवाई जाए और पता लगाया जाए कि क्या चाणक्यपुरी स्थित प्राइमस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में वाकई मरीज के इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई। 
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कोर्ट ने कहा अगर ऐसा है कि अस्पताल ने कोविड19 महामारी के समय में मरीजों के इलाज को लेकर सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। हालांकि फिलहाल कोर्ट ने अस्पताल के खिलाफ कोई निर्देश नहीं दिए हैं। याचिका प्रेम सिंह नामक शख्स की ओर से दायर की गई है। 

याचिका में शख्स ने कहा कि उनकी पत्नी की 14 जून को कोविड19 के कारण मृत्यु हो गई। इसके बाद उनकी 34 वर्षीय बेटी जो स्थायी रूप से 85 फीसदी असक्षम है, उसे तेज बुखार और सांस लेने में परेशान होने के कारण उन्होंने चाणक्यपुरी स्थित प्राइमस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 18 जून को भर्ती कराया था।   

उन्हें संदेह था कि उनकी बेटी को भी शायद कोविड19 संक्रमण हुआ है, लेकिन अस्पताल में उसका कोविड19 टेस्ट ही नहीं किया गया। याचिकाकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने अस्पताल में कोविड19 टेस्ट करवाने की बात कही तो अस्पताल ने बेड खाली ना होने का बहाना बनाकर उन्हें किसी दूसरे अस्पताल में जाने के लिए कहा। इसके बाद अस्पताल ने उनकी बेटी को अस्पताल से बाहर निकालने की पूरी तैयारी कर ली थी। 

याची का आरोप है कि अस्पताल ने ऐसा तब किया जब दिल्ली सरकार की वेबसाइट पर इस अस्पताल में कोविड19 बेड की उपलब्धता दिख रही थी।  इसके बाद पीड़ित ने हाईकोर्ट का रुख किया और उनकी बेटी को साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में बेड मिल गया। वहीं याचिकाकर्ता के वकील एडवोकेट हेमंत गुलाटी ने कहा कि यद्यपि याचिकाकर्ता की बेटी को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन याचिकाकर्ता और उसके बेटे की कोविड19 जांच होने अभी बाकी है, क्योंकि वे भी पत्नी और बेटी के संपर्क में आए थे।  

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