पीठ के समक्ष सुनवाई के बीच साउथ दिल्ली नगर निगम ने दलील दी थी कि कुषक नाला बारापुल्ला फ्लाईओवर के नीचे से निकलता है, इसलिए लोक निर्माण विभाग को इसकी सफाई करनी चाहिए। इस दलील के बाद पीठ ने सभी एजेंसियों के प्रति सख्ती बरती। इसके साथ ही पीठ ने कहा कि मामले में लगातार सुनवाइयों के बावजूद नाले की सफाई न करना कोर्ट के आदेश की अवमानना है।
पीठ ने एजेंसियों से पूछा कि अगर कोर्ट की अवमानना को ध्यान में रखते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया जाए तो क्या आप खुश होंगे। इस मामले में पीठ ने पहला आदेश 25 मई 2016, दूसरा आदेश 27 अक्तूबर 2017 और तीसरा आदेश 22 नवंबर 2018 को दिया गया। बरसात के मौसम में जलभराव को लेकर दायर इस जनहित याचिका पर अगस्त 2012 से सुनवाई चल रही है।