हाईकोर्ट ने ईसाई छात्रों के दाखिले की प्रक्रिया पर दिल्ली विश्वविद्यालय व सेंट स्टीफन कॉलेज से जवाब मांगा है। सेंट स्टीफन कालेज के तीन प्रोफेसर ने पुनर्विचार याचिका दायर कर कॉलेज की दाखिला साक्षात्कार समिति में सुप्रीम काउंसिल के ईसाई सदस्य को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई है। इस याचिका को एकल पीठ ने खारिज कर दिया था।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने इस याचिका पर दिल्ली विश्वविद्यालय, सेंट स्टीफन कॉलेज, इसके प्रिंसिपल व सुप्रीम काउंसिल तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को नोटिस जारी कर 16 अक्तूबर तक जवाब मांगा है।
पेश पुनर्विचार याचिका दायर कर एकल पीठ के 11 जुलाई के फैसले को चुनौती दी गई है। एकल पीठ ने सुप्रीम काउंसिल के सदस्य को साक्षात्कार पैनल में शामिल किए जाने की आपत्ति को दरकिनार कर याचिका खारिज कर दी थी।
सेंट स्टीफन कॉलेज की सुप्रीम काउंसिल एक उच्च समिति है और इसका दर्जा शासकीय समिति से भी ऊपर है। इसमें चर्च ऑफ नार्थ इंडिया व उसके द्वारा नामित किए गए सदस्य होते हैं।
याचिका दायर करने वाले प्रोफेसरों एनपी ऐशले, अभिषेक सिंह व नंदिता नारायण शासकीय समिति के सदस्य है और इन्होंने दाखिला प्रक्रिया में चर्च के हस्तक्षेप को चुनौती दी है। इनका कहना है कि यह इस संस्थान के नियमों के खिलाफ है।
इस याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम काउंसिल ने 12 मार्च को बैठक कर साक्षात्कार समिति में अपने या शासकीय समिति की ओर से एक अतिरिक्त ईसाई सदस्यों को शामिल करने का फैसला किया था।