नई सड़क पर स्थित बड़ वाली कोठी में कथित अवैध निर्माण कार्य के चलते आसपास की दुकानों में आई दरार को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए पीठ ने सवाल उठाया कि निर्माण के लिए यहां स्थित 300 से साल भी पुराने बरगद की शाखाओं को क्यों काटा गया। इस मुद्दे पर पीठ ने उत्तर दिल्ली नगर निगम और निर्माण ठेकेदार को फटकार लगाई।
न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने इस वृक्ष की कटी हुई उपरी जड़ों और कटी हुई शाखओं को देखकर बेहद नाराजगी जताई। उन्होंने कहा यह वृक्ष दिल्ली के बदलते हुए स्वरूप का गवाह है इसलिए यह एण्क ऐतिहासिक वृक्ष है। उन्होंने पूछा कि आप इस तरह इस धरोहर के साथ ऐसा खिलवाड़ कैसे कर सकते हैं। उन्होंने कहा यह वृक्ष अंग्रेजों के समय से भी पुराना है और यह दिल्ली शहर की ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा है।
यह याचिका बड़ वाली कोठी के बराबद में पीपल वाली कोठी में स्थित दुकानदार नितिन गुप्ता की ओर से दायर की गई है। बड़ की शाखाओं को हो रहे निर्माण को उन्होंन अवैध बताया है और याचिका में कहा है कि इस निर्माण के कारण उनकी और आसपास की अन्य इमारतों में दरारें पड़ गई हैं। अगर इस निर्माण को नहीं रोका गया तो इससे इलाके में बड़ा हादसा हो सकता है।
पीठ ने इस मामले से जुड़े लोगों की खिंचाई करते हुए दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम को निर्देश दिया कि वृक्ष के संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। इस मामले में अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।