अदालत ने इस मामले में केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों को नोटिस जारी कर एनजीओ 'प्रहरी सहयोग एसोसिएशन' की याचिका पर जवाब दायर करने का निर्देश दिया है। एनजीओ ने अपनी याचिका में कहा है कि महिलाओं की तस्वीरें और आईक्यू अंक जारी करना 'भेदभाव' के दायरे में आता है।
यह जनहित याचिका वकील गौरव कुमार बंसल के जरिए दायर की गई है। इसमें इस बात का भी उल्लेख है कि उक्त विज्ञापन दिव्यांग व्यक्ति अधिकार कानून के प्रावधानों और दिव्यांग व्यक्ति अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र की संधि का उल्लंघन करता है, जिनमें ऐसे व्यक्तियों की पहचान उजागर करने पर रोक है।
गौरव बंसल ने तो ये भी कहा कि सरकार का ये विज्ञापन 59 महिलाओं की निजता और गरिमा का भी उल्लंघन करता है।