नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार से कहा है कि यदि वायु गुणवत्ता का स्तर इमरजेंसी लेवल पर पहुंचे तो स्कूल तत्काल बंद किए जाएं ताकि बच्चे प्रदूषित हवा में सांस लेकर बीमार न हों।
प्रधान पीठ ने दिल्ली सरकार को स्कूलों में एयर प्यूरीफायर नहीं लगाने के लिए भी कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह कार्ययोजना में इन बिंदुओं को शामिल करे।
दिल्ली सरकार ने कहा कि ठंड सीजन में ज्यादातर दिन हवा की गुणवत्ता खराब होती है ऐसे में स्कूलों को बंद किया गया तो न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा बल्कि उनकी परीक्षा और अन्य तय कार्यक्रम में वे काफी पिछड़ जाएंगे।