दिल्ली हाईकोर्ट ने एक हत्या के आरोपी के एक व्यक्ति की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने पिता बनने के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी। याचिका में उसने कहा था कि यह उसका अधिकार है इसलिए उसे पत्नी से संबंध बनाने के लिए जमानत मिलनी चाहिए।
आरोपी ने याचिका में कहा था कि वर्ष 2008 के फरवरी महीने में उसकी शादी हुई थी और अक्टूबर में उसे हत्या के आरोप में जेल में बंद कर दिया गया।
हालांकि कोर्ट ने उसकी दलील को खारिज कर दिया। सरकारी वकील ने उसकी याचिका के खिलाफ दलील में कहा कि उसकी अर्जी में कोई दम नहीं है। आरोपी के खिलाफ हत्या जैसा गंभीर मामला चल रहा है और इसका ट्रायल जल्द ही पूरा होने वाला है ऐसे में उसे जमानत देना किसी भी तरीके से तर्क संगत नहीं है।