जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में रविवार रात छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग के विरोध में सोमवार को एक याचिका दायर की गई। याचिका में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल सुनवाई की मांग की गई। लेकिन कोर्ट ने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया।
मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल और सी हरीशंकर की पीठ ने कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच के लिए तत्काल सुनवाई की जरूरत नहीं है। साथ ही पीठ ने इस याचिका को सूचीबद्ध करने से इनकार दिया।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि जामिया विश्वविद्यालय में घुसकर पुलिसकर्मियों ने छात्रों पर लाठियां भांजीं और आंसू गैस के गोले छोड़े। याचिका में मामले की न्यायिक जांच के साथ ही पुलिस कार्रवाई में गंभीर रूप से घायल छात्रों को बेहतर उपचार देने के निर्देश देने की भी मांग की गई।