नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना (डीएलवाई) के लाभ के लिए स्थानीय सांसद या विधायक से सिफारिश अनिवार्य किए जाने पर सवाल उठाए। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ इस शर्त को चुनौती देने वाली अभिषेक दत्त और एक अन्य की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
अदालत ने कहा कि योजना के पात्रता मानदंड (क्लॉज 4) में सांसद या विधायक की सिफारिश का कोई उल्लेख नहीं है, फिर भी आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों में इसे अनिवार्य बनाया गया है। न्यायालय ने टिप्पणी की, हम इसे मंजूरी नहीं दे सकते। किसी महिला की पात्रता तय करने के लिए सांसद या विधायक की सिफारिश की क्या जरूरत है? यह संभव है कि कोई महिला सांसद या विधायक से सिफारिश न ले पाए। अदालत ने कहा कि पात्रता तय करने के बेहतर तरीके हैं। योजना के क्लॉज 4 में ऐसी कोई शर्त नहीं है।
अदालत ने दिल्ली सरकार के वकील को इस मामले में निर्देश लेने को कहा और अगले सप्ताह मामले की दोबारा सुनवाई का निर्देश दिया। दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिला निवासियों को हर माह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। ब्यूरो