हाईकोर्ट ने राजधानी की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की दाखिला प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। अदालत ने कहा कि दाखिला प्रक्रिया सही नहीं है, यूनिवर्सिटी प्रशासन ये ध्यान रखें की समाज में उसकी अच्छी प्रतिष्ठा है।
ऐसे में अगर प्रवेश के स्तर पर प्रतियोगिता में किसी भी तरह की कमजोरी आती है तो ये उसके शैक्षणिक महानता को प्राप्त करने के रास्ते में एक बाधा हो सकती है।
न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ ने यह टिप्पणी करते हुए एक युवती की उस याचिका का निपटारा कर दिया जिसमें उसने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में पीएचडी में दाखिला देने का आदेश देने की गुहार लगाई थी।
हालांकि अदालत ने दाखिला प्रक्रिया पर सवाल उठाया है लेकिन याची को राहत देने से इंकार कर दिया। अदालत ने कहा कि याची ने जिस शैक्षणिक सत्र में दाखिले की मांग की थी उसकी अवधि बीते चार वर्ष हो चुके हैं ऐसे में अब दाखिले का निर्देश नहीं दिया जा सकता।
अदालत ने अपने फैसले में यूनिवर्सिटी को स्पष्ट निर्देश दिया की वह अपने यहां पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया 2016 शुरू करने से पहले दाखिला मानदंडों का पुन: अवलोकन करें और सही से विज्ञापन जारी करें।