हाईकोर्ट ने जवाहरलाल विश्वविद्यालय (जेएनयू) में पर्सियन विभाग के प्रोफेसर मजहर आसिफ को लिंग्विस्टिक सेंटर का चेयरपर्सन बनाए जाने के आदेश को खारिज कर दिया है। इस आदेश को सेंटर की एक महिला प्रोफेसर ने चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति सुरेश कैथ ने जेएनयू के कार्यकारी परिषद से कहा कि वह जेएनयू में चल रही परिपाटी व कानून के अनुसार सेंटर से ही चेयरपर्सन नियुक्त करे। प्रोफेसर आसिफ के नियुक्ति को उसी सेंटर के शिक्षक आयशा किदवई ने चुनौती दी थी।
याचिका में कहा गया था कि परिपाटी के अनुसार सेंटर से सबसे वरिष्ठ प्रोफेसर को वहां का चेयरपर्सन बनाया जाता है, लेकिन जेएनयू ने पर्सियन विभाग के प्रोफेसर को वहां के लिंग्विस्टिक सेंटर का चेयरपर्सन बनाने का प्रस्ताव दिया है जो नियम के अनुसार गलत है।