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दिल्ली सरकार को फटकार: क्या दो-तीन और बम धमाकों के बाद फैसला लेंगे? पुराने वाहनों की बिक्री पर हाईकोर्ट सख्त

Wed, 17 Dec 2025 09:54 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हाईकोर्ट ने पुराने वाहनों की बिक्री और हस्तांतरण को नियंत्रित करने में विफलता के लिए दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई।
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दिल्ली में धमाके के बाद जले वाहन - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली हाईकोर्ट ने पुराने (सेकेंड हैंड) वाहनों की बिक्री और हस्तांतरण को नियंत्रित करने में विफलता के लिए दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने लाल किले के हालिया बम धमाके का जिक्र करते हुए कहा कि इस हमले में भी एक सेकेंड हैंड कार का इस्तेमाल हुआ था, जिससे यह मुद्दा और गंभीर हो गया है।

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मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने टिप्पणी की, एक कार चार हाथों से गुजर जाती है लेकिन मूल मालिक नहीं बदलता? तो क्या होता है? मूल मालिक तो कत्लखाने चला जाता है? यह क्या है? आप इस तरह की चीजें कैसे अनुमति दे रहे हैं। क्या आप दो-तीन और बम धमाकों के बाद फैसला लेंगे? कोर्ट ने दिल्ली सरकार को विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और कहा कि हम कोई और तारीख नहीं देंगे।

मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2026 में होगी। यह मामला टुवर्ड्स हैपी अर्थ फाउंडेशन नामक संगठन द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई के दौरान उठा। याचिका में केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के नियम 55ए से 55एच की प्रभावी लागू न होने की समस्या उठाई गई है, जो दिसंबर 2022 में पंजीकृत वाहन डीलरों को नियंत्रित करने के लिए लाए गए थे। 
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याचिकाकर्ता का तर्क है कि इन नियमों का उद्देश्य सेकेंड हैंड वाहन बाजार में जवाबदेही लाना था, लेकिन नियामक खामियों और प्रक्रियात्मक बाधाओं के कारण ये व्यावहार में विफल साबित हो रहे हैं। डीलर से डीलर हस्तांतरण की रिपोर्टिंग के लिए कोई वैधानिक व्यवस्था नहीं है, जिससे जिम्मेदारी की चेन टूट जाती है।
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