नरेला पुलिस को अदालत की फटकार
रोहिणी अदालत ने 6 वर्ष पूर्व दुर्घटना के एक मामले की सही तरीके से जांच नहीं करने पर नरेला पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कहा, पुलिस ने दोषी को पकड़ने का कोई प्रयास नहीं किया और न ही वरिष्ठ अधिकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए कोई ठोस कदम उठाए। इतना ही नहीं दुर्घटना में घायलों तक का पता नहीं है और कार से बरामद 34 शराब की पेटियों को भी बिना अदालत की इजाजत नष्ट कर मामले को दबा दिया।
अदालत ने इस मामले में पुलिस आयुक्त को दोषी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित अन्य के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। रोहिणी अदालत स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायालय के न्यायाधीश विनोद यादव ने मामले का अध्ययन करने के बाद कहा कि नरेला थाना क्षेत्र में 2 जुलाई 2016 को दुर्घटना हुई। ड्राइवर मौके से फरार हो गया और पुलिस ने मौके से स्कोडा ऑक्टेविया गाड़ी बरामद की और उसमें से 34 पेटियां शराब की बरामद की।यह कार सुनीता नाम की महिला के नाम पंजीकृत थी। पुलिस ने दो वर्ष तक मामले की जांच ही नहीं की और महिला से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास नहीं किया कि उस समय गाड़ी कोन चला रहा था।