दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि हरियाणा प्रशासन का डॉक्टरों, नर्सों, कोर्ट स्टाफ और ट्रकों को रोकना उनके स्वतंत्रता के अधिकारों का हनन है। जब पूरी राजधानी का क्षेत्र और सोनीपत इलाके कंटेनमेंट जोन में नहीं शामिल है तो ऐसा करना गलत है।
जस्टिस मनमोहन और संजीव की बेंच ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई करते हुए कहा कि सोनीपत के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का आदेश केंद्रीय गृह सचिव की ओर से दी गई गाइडलाइंस के विपरीत है। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है।
याचिकाकर्ता ओपी. गुप्ता ने याचिका में कहा है कि दिल्ली में रहने वाले कई लोगों को सोनीपत में जरूरी काम के लिए जाना पड़ता है। ऐसा ही सोनीपत के लोगों के साथ है।