याचिका के अनुसार, एडब्ल्यूबीआई अनैतिक पशु चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ा रहा है और पशु कल्याण की गलत व्याख्या कर रहा है। एडब्ल्यूबीआई जानबूझकर उन गतिविधियों में शामिल है, जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। मसलन ब्रीडिंग लाइसेंस, फीडर, केयर टेकर कार्ड जारी करना, एबीसी और एआरवी के लिए निविदाएं जारी करना आदि।