आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल
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दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस तेजस कारिया ने बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। इस याचिका में आबकारी नीति मामले में केजरीवाल की अदालती बहस के वीडियो को प्रसारित करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी के नेताओं और एक पत्रकार के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई की हाईकोर्ट से मांग की गई थी।
अधिवक्ता वैभव सिंह ने जनहित याचिका दायर कर अदालत की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग पर आपत्ति जताई है। यह मामला सुनवाई से न्यायमूर्ति शर्मा के खुद को अलग करने की मांग वाली अर्जी पर केजरीवाल द्वारा दी गई जिरह से जुड़ा है।
केजरीवाल और पत्रकार के अलावा, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह के साथ-साथ संजीव झा, पुरनदीप साहनी, जरनैल सिंह, मुकेश अहलावत और विनय मिश्रा के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में उक्त वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने की भी मांग की गई है।
अधिवक्ता वैभव सिंह ने इससे पहले हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के सामने एक शिकायत दर्ज करा कर केजरीवाल और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि प्रतिवादियों ने जानबूझकर और सोची-समझी साजिश के तहत इस अदालत की छवि खराब करने, लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। अदालत की यह रिकॉर्डिंग एक्स, फेसबुक, इंस्टा, यूट्यूब और विभिन्न समाचार चैनलों पर फैलाई गईं।