दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को भाजपा सांसद हंसराज हंस के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान भाजपा सांसद और चुनाव आयोग को अदालत की तरफ से नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही अदालत ने लोकसभा चुनावों में नामांकन के दौरान हंसराज हंस द्वारा दी गई सभी जानकारियों के रिकॉर्ड देने को लेकर चुनाव आयोग को निर्देश दिया है। याचिका में कहा गया है कि हंसराज ने चुनावी हलफनामे में अपनी पत्नी की आय, ढाई करोड़ की देनदारी व अपनी शिक्षा के संबंध में झूठी जानकारी दी है।
बता दें कि गायक हंसराज हंस उत्तर पश्चिम दिल्ली से लोकसभा सांसद हैं। चुनाव में हंस की जीत के बाद उनके खिलाफ खड़े कांग्रेस उम्मीदवार राजेश लिलोठिया द्वारा याचिका दायर की गई थी। इस याचिका में हंसराज हंस पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने नामांकन पत्र में गलत जानकारियां दीं थीं।
हंस पर आरोप है कि उन्होंने अपनी शिक्षा को लेकर जो घोषणा की है, वह भी झूठ है। उन्होंने नामांकन पत्र में अपनी पत्नी की आय और उनपर 2.5 करोड़ के कर्ज की भी झूठी घोषणा की है।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जयंत नाथ ने गुरुवार को नोटिस जारी कर चुनाव आयोग से रिपोर्ट मांगी है, साथ ही उनके चुनाव संबंधी दस्तावेज व रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। यह याचिका कांग्रेस के उम्मीदवार राजेश लिलौठिया ने दायर की है। याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तारीख तय की गई है।