दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को पेटा की ओर से दिल्ली में घोड़ों, खच्चरों, टट्टुओं और गधों में ग्लैंडर्स बीमार के प्रसार को रोकने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में पशुओं में संक्रामक एवं संसर्गजन्य रोगों के नियंत्रण तथा रोकथाम अधिनियम, 2009 को राष्ट्रीय राजधानी में क्रियान्वित करने का अनुरोध किया गया है।
न्यायमूर्ति नज्मी वजीरी ने संगठन ‘पीपुल ऑफ एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनीमल्स’ (पेटा) की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली में सभी घोड़ों, खच्चरों, टट्टुओं और गधों की तत्काल जांच कराने के मुद्दे पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया। पीठ ने इस मामले में अगली सुनवाई 6 अक्तूबर के लिए सूचीबद्ध की है।
याचिका में कहा गया है कि एहतियाती कदम न उठाए जाने पर ‘ग्लैंडर्स’ बीमारी घोड़ों से मनुष्यों में भी फैल सकती है और यह इंसानों के लिए घातक हो सकती है। आवेदन में दावा किया गया है कि पशुओं में ‘ग्लैंडर्स’ बीमारी के फैलने को लेकर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र द्वारा बार-बार अलर्ट जारी किए जाने के बावजूद दिल्ली सरकार कोई एहतियाती कदम नहीं उठा रही है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि इन जानवरों को अधिकतर जगहों पर घरों में ही रखा जा रहा है और इनकी कोई जांच भी नहीं करवाई जा रही है। इसलिए अगर ग्लैंडर्स बीमार इन जानवरों के फैलती है तो यह बेहद आसानी से लोगों को भी चपेट में ले सकती है, लिहाजा इस संबंध में नियंत्रण के लिए बने नियमों को सख्ती से लागू करवाने के लिए निर्देश दिए जाएं।