भड़काऊ भाषण देने का मामला
दंगों के आरोपी इमाम को अभी जेल में ही रहना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने शरजील इमाम को राजद्रोह और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के मामले में वैधानिक जमानत दे दी। जामिया क्षेत्र और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज किया गया था।
जस्टिस सुरेश कुमार कैत और मनोज जैन की खंडपीठ ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए आदेश पारित किया कि वह अपने खिलाफ लगाए गए अपराधों के लिए आधी सजा पहले ही काट चुका है। हालांकि इमाम को जेल में ही रहना होगा, क्योंकि वह दिल्ली दंगों से संबंधित साजिश के मामले में भी आरोपी है।
इमाम ने राजद्रोह के मामले में जमानत देने से इन्कार करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसे 28 जनवरी, 2020 को गिरफ्तार किया गया था। इमाम का तर्क था कि वह पहले ही सात साल की अधिकतम सजा में से चार साल जेल में बिता चुका है और इसलिए वह वैधानिक जमानत का हकदार है।