न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति शालिंदर कौर की पीठ ने खान को यह राहत दी ताकि वह अपनी बेटी की फीस भरने के लिए धन की व्यवस्था कर सके। वह जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई कर रही है।
उच्च न्यायालय ने 2020 के सांप्रदायिक दंगों के पीछे कथित साजिश से जुड़े यूएपीए मामले में गिरफ्तार सलीम खान को 10 दिनों की अंतरिम जमानत दे दी। वह अपनी बेटी की कॉलेज फीस के लिए धन की व्यवस्था करने के लिए जमानत की याचिका दी थी।
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शरजील इमाम, यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के संस्थापक खालिद सैफी और उमर खालिद सहित कई अन्य लोगों पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 के दंगों के कथित मास्टरमाइंड होने के लिए आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और अन्य मामला दर्ज किया गया था। इन दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। मामले में अन्य आरोपी ताहिर हुसैन, सलीम खान, इशरत जहां, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा, शिफा-उर-रहमान, आसिफ इकबाल तन्हा, शादाब अहमद, तस्लीम अहमद, सलीम मलिक, अतहर खान, सफूरा जरगर, फैजान खान और नताशा नरवाल भी शामिल हैं।
न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति शालिंदर कौर की पीठ ने खान को यह राहत दी ताकि वह अपनी बेटी की फीस भरने के लिए धन की व्यवस्था कर सके। वह जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई कर रही है।
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पीठ ने कहा कि खान को उसकी रिहाई की तारीख से 10 दिनों के लिए उन शर्तों के अधीन रिहा करने का निर्देश देते हैं जो पिछली बार दिसंबर 2024 में जमानत पर रिहा होने पर उस पर लगाई गई थी। इस याचिका का अभियोजक ने विरोध किया और कहा कि खान ही वह व्यक्ति था, जिसे दंगों के दौरान सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाते देखा गया था।