अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को शराब नीति मामले में ईडी की याचिका पर जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दे दिया है। विशेष अदालत द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ की गई अनुचित टिप्पणियों को हटाने के लिए याचिका दी गई है।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की एकलपीठ ने बृहस्पतिवार को कहा कि इससे पूर्व सुनवाई में समय मांगने के बावजूद ज्यादातर जवाबदेह पक्षों ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। कोर्ट ने कहा कि जवाब दाखिल करने का यह अंतिम अवसर है। अगर जवाब नहीं दाखिल किया गया तो उनका यह अधिकार समाप्त कर दिया जाएगा। मामले पर अगली सुनवाई और बहस 22 अप्रैल को होगी। ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने बताया कि केवल विनोद चौहान ने जवाब दाखिल किया है, जबकि अन्य पक्षों ने जवाब दाखिल नहीं किया है।
ईडी ने अपनी याचिका में विशेष अदालत द्वारा 27 फरवरी 2026 को दिए गए आदेश में अपनी जांच के खिलाफ की गई टिप्पणियों को हटाने की मांग की है। ईडी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट की ये टिप्पणियां पूरी तरह से अनावश्यक और सीबीआई मामले से असंबंधित थीं। ईडी उस मामले में पक्षकार भी नहीं था और न ही उसे सुनवाई का कोई अवसर दिया गया।