हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि सभी स्थानीय निकाय मिलकर भविष्य में स्लम क्लस्टर में तोड़फोड़ करने के लिए एक प्रोटोकॉल तय करे। प्रोटोकॉल बनाते हुए लोगों के संवैधानिक अधिकारों का भी ध्यान रखा जाए।
अदालत ने हाल ही में शकूर बस्ती सीमेंट साइट में क्लस्टर में की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई पर नाखुशी जताते हुए यह निर्देश दिया। इतना ही नहीं अदालत ने इन झुग्गियों में रहने वाले लोगों के खाने-पीने सहित सभी सुविधाएं मुहैया करवाने का निर्देश देते हुए बच्चों की नष्ट हुई पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध करने को कहा है।
न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति विभु बाखरू की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान सभी निकायों को मिलकर चार सप्ताह में इस संबंध में प्रोटोकॉल तय करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि यदि प्रोटोकॉल तय होते तो इस प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सकता था।