प्रशांत विहार क्षेत्र स्थित रोहिणी में 74 साल की बुजुर्ग महिला कैलाशवती की हत्या उनके खुद के पोते ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने आरोपी पोते हर्षित जैन (21) व उसके दोस्त गांव उक्कावली, बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर निवासी गौरव त्यागी (24) को गिरफ्तार किया है।
नशे की लत, गर्लफ्रेंड और हाईफाई लाइफ जीने की चाहत में हर्षित ने 19 दिसंबर को लूटपाट के बाद अपनी दादी की हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा गया कुछ माल भी बरामद कर लिया है।
मालूम हो कि बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त विक्रमजीत सिंह शनिवार को वल्लभ विहार, सोसायटी, रोहिणी सेक्टर-13 में एक बुजुर्ग महिला की हत्या की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कैलाशवती का शव फर्श पर पड़ा मिला।
शाल से उनका गला भी घोंटा गया था
उनके सिर पर चोट के निशान थे साथ ही शाल से उनका गला भी घोंटा गया था। प्रशांत विहार पुलिस के अलावा, स्पेशल स्टाफ ने मामले की छानबीन शुरू की। शुरुआती जांच में वारदात में किसी जानकार का हाथ होने की आशंका थी।
हत्या के समय आसपास और सोसायटी के सीसीटीवी को खंगाला गया तो कैलाशवती का पोता एक अन्य युवक के साथ आते दिखाई दिया। पुलिस ने छानबीन की तो हर्षित की भूमिका संदिग्ध लगी। 21 दिसंबर को एक सूचना के बाद पुलिस ने पहले हर्षित बाद में गौरव को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। हर्षित ने बताया कि उसने पहले भारी वस्तु से दादी के सिर पर वार किया। बाद में गौरव के साथ मिलकर उनका शाल से गला घोंट दिया। हत्या करने के बाद वे घर से नगदी, जेवरात और अन्य कीमती सामान लेकर रफूचक्कर हो गए।
पिता से झगड़ा कर छोड़ दिया था घर
पूछताछ के दौरान हर्षित ने बताया कि 2012 में उसने जयपुर के एक कॉलेज में बीटेक में एडमिशन लिया था, लेकिन बीमारी की वजह से पढ़ाई बीच में छोड़कर आ गया था। बाद में परिजनों ने ग्रेटर नोएडा में आईआईएलएम में दाखिला करा दिया।
लेकिन यहां भी अटेंडेंस कम होने की वजह से उसने पढ़ाई छोड़ दी। करीब छह माह पूर्व उसने पिता से झगड़ा कर अपना घर छोड़ दिया और कुछ नगदी लेकर ग्रेटर नोएडा आकर पीजी में रहने लगा।
यहां उसकी मुलाकात डीटीसी बस चालक गौरव से हुई। दोनों साथ में नशा करने लगे। इस बीच हर्षित ने अपने दोस्तों से भी उधार ले लिया। वह भी उस पर पैसे वापस मांगने का दबाव बनाने लगे।
जेवरात देखकर बनाई हत्या की योजना
नवंबर माह में हर्षित के माता-पिता रिश्तेदार की शादी में कोलकाता चले गए। वो अपने घर आ गया। यहां उसने देखा कि दादी काफी जेवरात पहने थी। यहीं उसने दादी की हत्या करने की योजना बना ली।
दोपहर 3:30 बजे से 5:30 बजे तक उसके दादा बाहर घूमने जाते थे। यही समय हत्या करने के लिए चुना गया। 17 दिसंबर को रेकी करने के बाद 18 दिसंबर को गौरव एसी ठीक करने के बहाने घर पहुंचा, लेकिन दादी ने मना कर दिया।
19 दिसंबर को हर्षित व गौरव दोनों फिर घर पहुंचे और वारदात को अंजाम दे दिया। लेकिन दोनों सोसायटी के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए और पुलिस उन तक पहुंच गई।