रोहिणी के विजय विहार में आश्रम की स्थापना करने वाले फरार बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का सुराग न लगने पर हाईकोर्ट ने सीबीआई को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने पूछा कि बाबा का अब तक पता क्यों नहीं लगा।
हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर सीबीआई को चार फरवरी तक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने जांच एजेंसी से पूछा कि इतने दिनों बाद भी बाबा का पता क्यों नहीं लगा।
इसके अलावा बाबा पर लगे दुष्कर्म के आरोपों की जांच कहां तक पहुंची है। जांच एजेंसी अगली तारीख पर इस पर रिपोर्ट पेश कर जानकारी दे। जिन लड़कियों ने माफी मांग ली है उन पर तो कार्रवाई की बात एजेंसी कर रही है, लेकिन बाबा के मामले में कुछ नहीं कर रही है।
उच्च न्यायालय ने रोहिणी जिले के तत्कालीन डीसीपी को नोटिस जारी कर पूछा है कि जिन लड़कियों ने पुलिस व वकीलों को बंधक बनाने के मामले में माफी मांग ली है क्यों न उन पर कानूनी कार्रवाई बंद कर दी जाए। पुलिस इस मामले में आरोपी लड़कियों के खिलाफ केस में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।