दिल्ली-एनसीआर में बीते दो दिन में हुई बूंदाबांदी की वजह से प्रदूषण स्तर में बड़ी गिरावट आई है। हालांकि, यह अस्थाई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की वायु गुणवत्ता सूचकांक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 40 दिन बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई है।
इससे पहले बीते महीने 4 नवंबर को दिल्ली और आस-पास के शहरों की हवा मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई थी। वहीं, मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन में फिर से वायु गुणवत्ता खराब और बहुत खराब स्तर पर पहुंच सकती है।
सीपीसीबी के 24 घंटे वाले औसत एक्यूआई रिपोर्ट के मुताबिक बृहस्पतिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 194 (मध्यम श्रेणी) रिकॉर्ड किया गया। वहीं, इससे पहले 4 नवंबर को दिल्ली का एक्यूआई 171 (मध्यम श्रेणी) रिकॉर्ड किया गया था।
इस बीच दिल्ली की हवा खराब, बहुत खराब और गंभीर स्तर पर पहुंची। अब हवा में प्रदूषण मध्यम श्रेणी का है। इस तरह की हवा भी आपके सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है, लेकिन लंबे समय तक इस तरह की हवा के संपर्क में रहने के बाद ही इसका असर होता है।
इसी तरह गंभीर प्रदूषण वाले गाजियाबाद का एक्यूआई 409 से उतरकर बृहस्पतिवार को 200 यानी मध्यम श्रेणी में रिकॉर्ड हुआ। वहीं, नोएडा का एक्यूआई 188 व गुरुग्राम का एक्यूआई 190 रिकॉर्ड किया गया।
सिर्फ ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद का एक्यूआई खराब स्तर में क्रमश: 234 और 220 दर्ज हुआ। दिल्ली में सात इलाके खराब जबकि 19 इलाके मध्यम श्रेणी वाले प्रदूषण स्थान के तौर पर दर्ज हुए।
पार्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 के स्तर में बड़ी गिरावट
दिल्ली-एनसीआर की हवा में पार्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 के स्तर में भी बड़ी गिरावट आई है। यह गंभीर स्तर से उतरकर मध्यम श्रेणी में पहुंच गया है।
बृहस्पतिवार को रात आठ बजे पीएम 2.5 का स्तर 92 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 10 का स्तर 162 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 और पीएम 10 का स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। इस लिहाज से पीएम कण गंभीर स्तर से लुढ़ककर अपने सामान्य स्तर के बेहद करीब पहुंच गए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक आद्रता बहुत अधिक है और तापमान में भी गिरावट संभव है। दोनों तथ्य वायु गुणवत्ता सूचकांक के लिए उत्प्रेरक का काम करते हैं। ऐसे में अगले दो दिन एक्यूआई फिर से खराब और बहुत खराब स्तर पर जा सकता है।