हाईकोर्ट ने कहा कि मामूली मुद्दों को लेकर बेवजह हिंसा स्थानीय पहचान बन चुकी है इस तरह के चलन से आम लोग प्रभावित होते हैं जिससे अफरातफरी और अराजकता की स्थिति पैदा होती है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने यह टिप्पणी उस प्राथमिकी को रद्द करने का आदेश देते समय की जिसे यहां के एक स्थानीय संस्थान के छात्रों के खिलाफ खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल करके घायल करने को लेकर दर्ज की गई थी।
प्राथमिकी एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पिछले वर्ष अक्तूबर में चुनावों के दौरान दो गुटों में हुई मारपीट मामले में की गई थी। अदालत ने कहा मामूली मुद्दों या बिना मुद्दे के बेवजह हिंसा दिल्ली में स्थानीय पहचान बन चुकी है।
कोई भी इस तरह की हिंसा के चलन के अंदेशे से सिहर सकता है। अदालत ने सभी छात्रों के खिलाफ मुकदमों की कार्यवाही के आदेश को सशर्त रद्द कर दिया।