स्वरोजगार कर सफल उद्यमी बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए हस्तशिल्प उद्योग में तरक्की की अपार संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में कम लागत से अच्छी कमाई की जा सकती है।
दिल्ली के विजय सेठी इसका उदाहरण हैं। उन्होंने हस्तशिल्प का कारोबार पांच सौ रुपये में शुरू किया था, जिसका आज सालाना टर्नओवर दो करोड़ से भी ज्यादा है।
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में ईपीसीएच द्वारा आयोजित इंडियन हैंडीक्राफ्ट एंड गिफ्ट फेयर (आईएचजीएफ) में विजय सेठी उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं।
वह जरी, एम्ब्रॉयड्री और ग्लास के बने घरेलू सजावटी समान और गिफ्ट आइटम के निर्यातक है। इन उत्पादों की सबसे ज्यादा मांग अमेरिका, जर्मनी, जापान, कनाडा और अरब देशों में है।