इराक में फंसे हिंदुस्तानी नागरिकों को वापस लाने के लिए भारतीय वायुसेना ने कमर कस ली है। विदेश मंत्रालय के निर्देशों के बाद हिंडन एयरबेस में सी-17 ग्लोब मास्टर और सी-130 जे सुपर हरक्युलिस विमान तैयार हैं। अफसरों को उम्मीद है कि जल्द ही विमानों को इराक के लिए उड़ान भरनी पड़ सकती है।
विदेश मंत्रालय की ओर से वायुसेना को निर्देश मिले कि इराक में फंसे भारतीयों के रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए विमानों को वहां जाना पड़ सकता है। इसके बाद वायुसेना ने ग्लोबमास्टर और सुपर हरक्युलिस विमानों को इराक भेजने का निर्णय किया है।
विश्व के सबसे बड़े मालवाहक विमान ग्लोबमास्टर और छोटे से छोटे रन-वे पर उतरने में सक्षम हरक्युलिस विमानों को तैयार किया जा रहा है। विमानों का पायलट दल किसी भी तरह के वातावरण में उड़ान भरने और भारतीय नागरिकों को बचाकर लाने की तैयारियों में जुट गया है।
एयर ऑफिसर कमांडिंग अनिल सभरवाल ने बताया कि मंत्रालय की ओर से निर्देश आते ही विमान उड़ान भरेंगे। पायलट टीम पूरी तरह तैयार हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में लोगों की संख्या को देखते हुए इराक जाने वाले विमानों की संख्या तय की जाएगी।
दोनों विमान छोटी से छोटी हवाई पट्टी पर उतरने में सक्षम हैं। ग्लोबमास्टर एक बार ईंधन भरकर 42 हजार किलोमीटर की दूरी तय करने और एक बार में 70 टन वजन उठाने के कारण इन्हें इराक भेजा जा रहा है, जिससे एक ही बार में सैकड़ों लोग विमान से भारत लाए जा सकते हैं।