महामारी का रूप लेते जा रहे स्वाइन फ्लू से बचाव अब कृष थ्री फिल्म की तर्ज पर किया जाएगा। हवा के जरिए जड़ी-बूटियों को वायुमंडल में फैलाया जाएगा। इससे स्वाइन फ्लू का वायरस निष्क्रिय हो जाएगा।
सामाजिक संगठनों और आयुर्वेदाचार्यों-हकीमों द्वारा इसका प्रचार प्रसार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अफसरों ने इसेे मौन स्वीकृति प्रदान कर दी है। लोगों ने होलिका दहन में कपूर और इलायची डालने का निर्णय लिया है। सोशल साइट पर इसका जोर शोर से प्रचार चल रहा है।
स्वाइन फ्लू से एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इससे डरे लोग सामान्य फ्लू और वायरल बुखार को ही स्वाइन फ्लू समझने लगे हैं। निजी और सरकारी अस्पतालों में लोगों की भीड़ लगी है। विशेषज्ञ चिंतित हैं कि इस संक्रमण को कैसे रोका जाए।
अब लोग द्वारा स्वाइन फ्लू के वायरस को निष्क्रिय करने वाले पदार्थ हवा में छोड़े जाएंगे। लोगों से घरों में रोजाना गुगल और कपूर जलाने का आग्रह किया जा रहा है।
इसके साथ ही होलिका दहन में सभी से सौ-सौ ग्राम कपूर और इलायची डालने को कहा गया है। इससे हवा को रोगाणु मुक्त करने में मदद मिलेगी। होली के दिन पानी में कपूर डालने का अनुरोध किया जा रहा है। सोशल साइट पर इसकी अपील की जा रही है।