कन्टेनमेंट जोन में दिल्ली सरकार के व्हाट्सएप ग्रुप आम लोगों के लिए मददगार बना हुआ है। घरों में बंद लोग ग्रुप पर अपनी जरूरतों की जानकारी देते हैं। इसके बाद मौके पर तैनात अधिकारी इसकी आपूर्ति का इंतजाम करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि हर जोन के नोडल अधिकारी, भूख राहत केंद्र व आवश्यक सेवा प्रदाताओं के नंबर जारी किए हैं। पूरी टीम जोन की सीमा के नजदीक 24 घंटे मौजूद रहती है।
दिल्ली सरकार के अधिकारियों का कहना है कि कन्टेनमेंट जोन के निवासी अपने घर से बाहर नहीं जा सकते। हर जोन में रहने वाले लोगों को भोजन, राशन, चिकित्सा आदि की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक टीम बनाई गई है। इनके मोबाइल नंबर सभी को दिए गए हैं। इसके साथ कन्टेनमेंट जोन के अंदर ही एक केंद्र बनाया गया है, जहां रोजाना सुबह दैनिक उपयोग का सामान पहुंच जाता है।
दूसरी तरफ हर जोन का अपना व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसमें नोडल अधिकारियों के साथ सभी स्थानीय निवासी शामिल हैं। ग्रुप में लोग अपनी जरूरतों की मांग रख सकते हैं और अधिकारियों की टीम इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करवाती है। इससे राहत केंद्रों की जानकारी भी मिल जाती है।
कन्टेनमेंट जोन में सभी की जांच जरूरी नहीं : सीएम
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कन्टेनमेंट जोन में जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति की जांच हो। केजरीवाल के मुताबिक, टीमें घर-घर सर्वे कर रही है। यह काम 100 फीसदी होगा। अगर किसी में कोरोना संक्रमण के लक्षण पाए जाते हैं तभी उसकी जांच होगी। ऐसा नहीं है कि जोन के हर सदस्य के जांच होनी जरूरी है।