यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान राशि में भारी बढ़ोत्तरी के कारण छोटे शहरों तक में हेलमेट की मांग बढ़ गई है। कम प्रचलित ब्रांड के बेहतर गुणवत्ता वाले हेलमेट की कीमतों में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ इनकी किल्लत भी बढ़ गई है।
ये भी पढ़ें- चालान कटा तो बाइक छोड़कर भागा इंस्पेक्टर, हेलमेट को लेकर लोग बना रहे ऐसे बहाने, नहीं रोक पाएंगे हंसी
विक्रेताओं का आरोप है कि देश के दूसरे राज्यों में अचानक बढ़ी मांग का फायदा उठाने के लिए निर्माता भी एनसीआर के साथ अन्य शहरों का रुख कर रहे हैं।
हेलमेट विक्रेता सुभाष चड्ढा का कहना है कि यहां स्टॉक की कमी होने लगी है। हेलमेट निर्माता कंपनियां अधिक मुनाफे के लिए दूसरे राज्यों में बढ़ी मांग को पूरा करने पर अधिक ध्यान दे रही हैं। अधिकतर निर्माता दिल्ली-एनसीआर में ही हैं।
कारोबार के लिहाज से उनका ध्यान छोटे शहरों की तरफ ज्यादा है। दिल्ली में उन्हें कीमत भी कम मिलती है। एक अन्य विक्रेता सुभाष धानिया के मुताबिक, सुरक्षा के लिहाज से हेलमेट खरीदने वालों की संख्या बढ़ी है। अधिकतर लोग कैप टाइप की बजाय आईएसआई मार्क के हेलमेट खरीद रहे हैं।
30 वर्ष से भी अधिक वक्त से हेलमेट बिक्री के कारोबार से जुड़े गुरजीत सिंह की मानें तो राजधानी में मांग के मुताबिक आपूर्ति नहीं की जा रही है। कंपनियों की नजर छोटे शहरों की तरफ है। इस कारण यहां भी कीमतों में बढ़ोत्तरी हो रही है।
सुभाष चड्ढा का आरोप है कि मांग बढने के बाद राजधानी में कम आपूर्ति की वजह से किल्लत होने लगी है। सुभाष धानिया का कहना है कि दिल्ली में पहले से ही अधिकतर चालक हेलमेट पहनते हैं।