हेलो, हेलो अंकल हमारा टीवी रिचार्ज करा दो, एग्जाम की वजह से मम्मी पापा नहीं करा रहे हैं...... इस तरह की रोज 20 से 25 कॉल 100 नंबर पर आ रही है।
कई बच्चे फोन कर पुलिस कंट्रोल रूम में बैठे कर्मियों को कविताएं सुनाते हैं तो कई बच्चे गालियां तक दे देते हैं।
इस तरह की कॉल से पुलिस का काफी वक्त बर्बाद होता है। बच्चे होने की वजह से पुलिस कई बार उनके अभिभावकों को बुलाती है, पर वो बच्चा होने की बात बोलकर पल्ला झाड़ रहे हैं। इस तरह की अधिकांश कॉल सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक की शिफ्ट में आती हैं।
सेक्टर-30 चाइल्ड पीजीआई में पुलिस का कंट्रोल रूम बना हुआ है। यहां 100 नंबर पर 10 लाइनों पर आने वाली कॉल को उठाने के लिए तीन शिफ्टों में 35 कर्मचारी हैं। सुबह 8 बजे से 2 बजे की शिफ्ट में लड़कियों की ड्यूटी होती है। अक्सर बच्चे फोन रिचार्ज, टीवी रिचार्ज कराने का आग्रह पुलिस से करते हैं या फिर कविता सुनाते हैं।
एक बच्चे ने कॉल कर गाली दी
fraudulent phone calls
शुक्रवार को एक बच्चे ने कॉल कर गाली दी। कॉल सेंटर में काम करने वाली लड़की ने बताया कि बच्चे के पीछे महिला की आवाज भी आ रही थी, लेकिन उसने बच्चे को रोकने की कोशिश नहीं की।
कॉल सेंटर की तरफ से अभिभावक को फोन कर बच्चे को समझाने के लिए कहा गया। कंट्रोल रूम में काम करने वाले स्टाफ की इंचार्ज शबाना खान ने बताया कि हर दिन करीब 20 से 25 कॉल आ रही हैं।
इससे हम लोग परेशान हैं। कॉल कर बच्चे कविता सुनाते हैं। कई कॉल में तो बच्चे गालियां तक दे देते हैं। कंट्रोल रूम के पुलिस विभाग के इंचार्ज एपी सिंह ने बताया क अक्सर छोटे बच्चे फोन कर परेशान करते हैं।
5000 कॉल आती हैं, लेकिन 150 कॉल ही काम की होती है
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ऐसे बच्चों के अभिभावकों को फोन कर बुलाया गया और उन्हें समझाया गया कि वे बच्चों को ऐसा करने से रोकें। ऐसी कॉल की जानकारी एसपी सिटी को भी दे दी जाती है।
बता दें कि इमरजेंसी कंट्रोल रूम में हर दिन करीब 5000 कॉल आती हैं, लेकिन इनमें से करीब 150 कॉल ही काम की होती है।
इसके अलावा कोई शख्स पता पूछने के लिए 100 नंबर पर संपर्क करता है तो किसी को कोई जानकारी लेनी होती है। यहां कई फेक कॉल भी आती हैं।