जलभराव से निपटने के लिए प्रशासन ने तमाम दावे किए, लेकिन बुधवार को हुई बारिश के साथ ये सभी दावे फेल साबित हुए। 32 मिलीमीटर बारिश में साइबर सिटी जलमग्न हो गया। सड़कों पर इतना पानी जमा हो गया कि गाड़ियों का निकलना दूभर था।
मौसम बदलने से लोगों को राहत मिली और अधिक आर्द्रता से उमस बढ़ गई। सभी सेक्टरों, कॉलोनियों और सोसायटियों में जलभराव के चलते लोग परेशान रहे। बारिश की वजह से पूरे शहर में यातायात रेंगता रहा। कई जगहों पर भीषण जाम लगा रहा।
हालांकि नगर निगम अधिकारियों ने दावा किया है द्मद्घ शहर में कहीं भी बारिश के बाद जलभराव नहीं हुआ। इससे विपरीत लोगों ने कहा कि बारिश के बाद फर्स्ट क्लास सिटी थर्ड क्लास हो जाती है। मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुग्राम शहरी क्षेत्र में सुबह 8:30 बजे से दोपहर 01:30 बजे तक 32 मिलीमीटर बारिश हुई।
मानेसर में 20 एमएम बारिश हुई है। पटौदी और फर्रुखनगर में केवल बूंदाबांदी हुई। गुरुग्राम शहरी क्षेत्र में पानी निकलने के माकूल बंदोबस्त नहीं होने की वजह जलभराव से परेशानी हुई। कई सेक्टरों के मुख्य द्वार पर ही पानी जमा रहा।
नगर निगम के नियमित सफाई के दावे की पोल भी खुलती दिखी। इफ्को चौक, सिग्नेचर टावर के पास निर्माण कार्य चलने के कारण बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। पूरी तरह से यहां जाम लग गया, जबकि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां रेंगती रही।