संत रविदास मंदिर तोड़े जाने से आक्रोशित भीम आर्मी के कार्यक्रताओं ने बुधवार को दिल्ली की सड़कों पर जम कर उपद्रव मचाया। अचानक एक साथ इतने लोगों की भीड़ इकट्ठा हो जाने के कारण दिन भर दिल्ली में अव्यवस्था का माहौल बना रहा। पुलिस प्रशासन को भी पहले से इस विरोध का अंदाजा नहीं था, इसलिए माहौल बिगड़ता ही गया। इस दौरान शहर के कई हिस्सों में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सड़कों से लेकर मेट्रो और अन्य कई सार्वजनिक जगहों तक आम लोग खचाखच भीड़ से परेशान रहे। कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटना के बीच फंसे स्कूली बच्चे बुरी तरह डर गए। विरोध प्रदर्शन के दौरान बौखलाई भीड़ के कारण पूरे दिन नई दिल्ली में जाम की स्थिति बनी रही।
शाम के समय जब सड़कों पर लोगों की आवाजाही सबसे ज्यादा होती है, तब तो आउटर रिंग रोड, रिंग रोड और मथुरा रोड जैसे मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक पूरी तरह ठहर गया। इसके अलावा ग्रेटर कैलाश, कालकाजी, गोविंदपुरी, सीआर पार्क, ओखला आदि इलाकों में भी भारी जाम लगा रहा। दफ्तरों से घर लौट रहे लोगों के अलावा पुलिस के भी पसीने छूट गए। जगह-जगह पर करीब एक से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में लगे जाम में फंसे लोगों की हालत पस्त हो गई।
इस दाैरान कई एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं, जिससे अस्पताल जा रहे मरीजों को भी काफी दिक्कतें हुईं। इसके बाद शाम करीब पांच बजे हजारों लोगों की भीड़ आश्रम चौक पहुंची, जहां फ्लाईओवर के नीचे से होते हुए भीड़ ओखला मोड़ की ओर बढ़ी। इस दौरान आश्रम फ्लाईओवर के ऊपर, डीएनडी समेत अन्य मार्गों पर घंटों तक वाहन अपनी जगह से हिल नहीं पाए।
जाम से परेशान होकर लोगों ने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए मेट्रो का सहारा लिया, तो धीरे-धीरे मेट्रो में भी लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। सड़कों पर लगे जाम से परेशान हो कर मेट्रो आने वालों को यहां भी लंबी लाइनों में लगने के बाद खचाखच भरी ट्रेन में सफर करना पड़ा। बैठने की सीट तो दूर, लोगों के लिए पैर रखने तक की जगह नहीं बन पा रही थी।
देर रात प्रशासन ने जब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती बरतना शुरू किया ,तब जाकर धीरे-धीरे भीड़ छंटी और लोग अपने अपने गंतव्य तक पहुंच पाए।