- भीषण गर्मी में बिजली-पानी संकट पर सख्त हुए विधायक आफताब, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नूंह के विधायक चौधरी आफताब अहमद ने शुक्रवार को जिले में बढ़ती गर्मी और उससे उत्पन्न बिजली-पानी संकट को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की अहम बैठक ली। बैठक में बिजली, जन स्वास्थ्य (पानी) और सिंचाई विभाग के एसई, एक्सईएन, एसडीओ और जेई स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि भीषण गर्मी के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें।
- बिजली व्यवस्था पर सख्ती : बैठक में विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नूंह शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह से बिजली कटौती की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि गर्मी के मौसम में बिजली कटौती बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस पर विभागीय एसई ने भरोसा दिलाया कि प्राथमिकता के आधार पर बिजली आपूर्ति बहाल रखी जाएगी।
पानी की सप्लाई प्राथमिकता पर : जन स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए विधायक ने कहा कि गर्मी में पानी की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में हर गांव और शहर में नियमित पानी आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि दर्जनों गांवों से पानी न मिलने की शिकायतें मिली हैं, जिन्हें तुरंत दूर किया जाए। विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पानी सप्लाई में सुधार किया जाएगा।
जलभराव और किसानों की समस्या : सिंचाई विभाग की समीक्षा करते हुए विधायक ने कोटला झील क्षेत्र में जलभराव की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि हजारों एकड़ जमीन कई वर्षों से जलमग्न है, जिससे किसान फसल नहीं बो पा रहे हैं और आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। उन्होंने मोटर पंप लगाकर जल्द जल निकासी के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मई के अंत तक समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
विधायक आफताब अहमद ने सैम ग्रस्त गांवों में लगने वाले 42 पंपों के कार्य की समीक्षा की और नहरों पर जर्जर पुलों की तत्काल मरम्मत के आदेश दिए। साथ ही नहरों और नालों की सफाई कर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और तुरंत समाधान करने पर जोर दिया। पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने कहा कि तापमान 44 डिग्री तक पहुंच चुका है और आगे और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि जनता को राहत मिले। उन्होंने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर काम करने के निर्देश दिए।