दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंगे मेडिकल कॉलेज में बनाया गया हीट स्ट्रोक यूनिट
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के बाद लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन विभाग में भी हीट स्ट्रोक यूनिट तैयार कर लिया गया है। इसमें फिलहाल आठ बिस्तर रखे गए हैं। इसके अलावा मरीज के तापमान को तुरंत कम करने के लिए एक टब सहित दूसरी सुविधाएं रखी गई हैं। यूनिट के साथ ही बर्फ बनाने के लिए मशीन भी लगाई गई है। इस मशीन की मदद से दिन में 300 किलो से अधिक बर्फ बनाई जा सकती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है। इसमें शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट से अधिक हो जाता है। ऐसे में मरीज के तापमान को तुरंत ठीक करना जरूरी होता है। इसके लिए उसे ठंडे पानी में डाल सकते हैं। बर्फ का पानी इसका बेहतर विकल्प है। इसकी मदद से शरीर के तापमान को तुरंत कम किया जा सकता है। यदि इसके इलाज में देरी होती है तो यह खतरनाक हो सकता है। शरीर के कई अंग फेल होने के साथ मरीज की मौत तक हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसके बचाव के लिए यूनिट में एक टब रखा गया है। इसमें 50 किलो बर्फ से भरे पानी में मरीज को रखा जाता है जिससे मरीज का तापमान तुरंत नीचे आ जाता है।
मरीजों को मिला दूसरा विकल्प
नई दिल्ली क्षेत्र में हीट स्ट्रोक के मरीजों को इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के अलावा दूसरा विकल्प मिल गया है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी तापमान ज्यादा नहीं बढ़ा है। ऐसे में फिलहाल हीट स्ट्रोक के मरीज अस्पताल नहीं हा रहे। मई के अंत तक या जून में हीट स्ट्रोक के मरीज आ सकते हैं।
ऐसे बच सकते हैं हीट स्ट्रोक से
- तेज धूप के समय बाहर न निकले
- जरूरत के आधार पर पर्याप्त पानी पिएं
- हल्के और ढीले कपड़े पहनें
- यदि आप बाहर जाते हैं, तो टोपी, धूप का चश्मा, और सनस्क्रीन लगाएं
- हीट स्ट्रोक होने पर दिख सकते हैं लक्षण
- सिरदर्द
- चक्कर आना
- उल्टी, अन्य