गर्मी, उमस और बिजली का संकट
- बिजली मांग में उछाल: 2025 में अधिकतम मांग 8,442 मेगावाट (12 जून) तक पहुंची, जो 2024 के 8,656 मेगावाट से थोड़ा कम है।
- रातें गर्म, ठंडक कम: रात के समय भूमि सतह का तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जो सामान्य से 6 डिग्री अधिक है।
- 67 फीसदी मांग का कारण: बिजली की दैनिक अधिकतम मांग का 67 फीसदी हिस्सा गर्मी और आर्द्रता से प्रेरित है।
- स्वास्थ्य जोखिम: गर्म रातों और हीट आइलैंड प्रभाव से निर्जलीकरण, थकावट और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा।