फरीदाबाद के बीके अस्पताल से जाने वाले बीमार बच्चों को दिल्ली के एम्स अस्पताल में इलाज नहीं मिल रहा। इससे परेशान होकर स्वास्थ्य विभाग ने रोहतक पीजीआई और सोनीपत मेडिकल कॉलेज के साथ टाईअप कर लिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्कूली बच्चों के लिए बाल स्वास्थ्य प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत गंभीर बीमार बच्चों को दूसरे राज्यों के बड़े सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जाता है। बीके अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ बच्चों को हृदय रोग के कारण एम्स रेफर किया गया था। इनका आपरेशन होना था। इन बच्चों को एक साल बाद आपरेशन की तारीख मिली।
इस बारे में एम्स प्रबंधन का कहना है कि वहां मरीजों का बोझ ज्यादा है। देश के कई राज्यों से मरीज आते हैं। इस कारण वेटिंग लिस्ट लंबी है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गीता पालिया ने बताया कि एम्स में देरी से इलाज को देखते हुए सोनीपत और रोहतक अस्पतालों को पैनल पर लिया गया है। अब बीमार बच्चों को इन्हीं अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।