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Delhi NCR News: 40 से कम की उम्र में बैठ रहा दिल, समय पर जांच बनी संजीवनी

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-निजी लैब की शोध में आईं बातें, कहा-18 से 40 साल तक की उम्र के एक लाख लोगों पर किया शोध
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-सजगता से स्कोरिंग सीटी स्कैन में 85 फीसदी उछाल, लोग करवा रहे जांच

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
युवाओं में दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। 2024 से 2025 के बीच कैल्शियम स्कोरिंग सीटी स्कैन में 85 फीसदी की बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जबकि एडवांस्ड कार्डियक स्कैन (जैसे सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी) में 36 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। यह शोध 18 से 40 साल तक की उम्र के लगभग एक लाख लोगों पर किया था। ये आंकड़े दिखाते हैं कि लोग अब पहले से ज्यादा जागरूक होकर दिल की जांच करवा रहे हैं, जिसमें खासकर कम उम्र के लोग शामिल हैं। यह आंकड़े एक निजी लैब ने अपने यंग हार्ट्स एट रिस्क: द केस फॉर अर्ली कार्डियक स्क्रीनिंग नाम से आयोजित एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में बताया।
पश्चिमी देशों के मुकाबले लगभग 10 साल पहले शुरू हो जाती है यह बीमारी

इसमें विशेषज्ञों ने कहा कि भारत में अब 25 फीसदी से ज्यादा हार्ट अटैक 40 साल से कम उम्र के लोगों में हो रहे हैं। साथ ही, 15 से 20 फीसदी अचानक कॉर्डियक अरेस्ट 50 साल से कम उम्र के लोगों में होते हैं। उन्होंने बताया कि भारतीयों में दिल की नसों में बीमारी (कोरोनरी आर्टरी डिजीज) पश्चिमी देशों के मुकाबले लगभग 10 साल पहले शुरू हो जाती है। इसकी मुख्य वजहें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, ज्यादा तनाव, बैठे-बैठे जीवनशैली और खराब कोलेस्ट्रॉल (डिस्लिपिडेमिया) का होना है। यह बढ़ती समस्या चेतावनी है कि युवा अपनी लाइफस्टाइल सुधारें, स्वस्थ खाना, नियमित एक्सरसाइज, तनाव कम करें और समय-समय पर जांच करवाएं।
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पहले के मुकाबले लोग करवा रहे ज्यादा जांच



डॉ. प्रवीण चंद्रा ने कहा कि कम उम्र के मरीजों में पहला लक्षण अक्सर गंभीर होता है, जैसे अचानक हार्ट अटैक। जब तक लक्षण दिखते हैं, तब तक नसों में काफी ब्लॉकेज हो चुका होता है। इसलिए सीटी कैल्शियम स्कोरिंग, सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी और स्ट्रेस इमेजिंग जैसे टेस्ट से शुरुआत में ही खतरे का पता लगाकर इलाज संभव है। डॉ. हर्ष महाजन ने बताया कि कैल्शियम स्कोरिंग सीटी में 85 फीसदी बढ़ोतरी इसलिए हुई, क्योंकि लोग अब प्रिवेंटिव (रोकथाम वाली) जांच करवा रहे हैं। यह टेस्ट लक्षण आने से पहले ही प्लाक (जमा) का पता लगाता है और भविष्य के खतरे का अंदाजा देता है।
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