शायद आपको सुनकर यकीन न हो, लेकिन रिफाइंड चीनी खाने से लोगों का दिल कमजोर हो रहा है। पिछले कुछ ही वर्षों में दिल्ली के अस्पतालों में इन मरीजों की तादाद भी कई गुना बढ़ी है। अभी तक कहा जाता था कि बेड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से ब्लॉकेज होता है, लेकिन हाल ही में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया है कि कार्बोहाइड्रेट्स से कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी) हो रहा है। इस पर राजधानी के विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली जैसे शहरों में रिफाइंड पैकिंग पदार्थों का सेवन अत्यधिक है।
मैक्स के डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि कोरोनरी धमनी रोग तब होती है जब दिल की मांसपेशियों में रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनी कठोर और संकरी हो जाती है। ऐसा कोलेस्ट्रॉल और अन्य सामग्री कि मौजूदगी के कारण होता है, जिसे प्लेक कहा जाता है। यह धमनियों की भीतरी दीवारों पर जम जाता है और इसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है। जैसे ही यह बढ़ता है, धमनियों के माध्यम से रक्त का बहना कम हो जाता है। एम्स के डॉक्टरों की मानें तो रिफाइंड चीनी और हाई कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार के परिणामस्वरूप ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन हो जाती है।
दिल्ली में बढ़े बाइपास ऑपरेशन
जानकारों की मानें तो पिछले दो से तीन वर्ष के दौरान बाइपास सर्जरी बढ़ी हैं। अनुमान है कि राजधानी में हर दिन करीब 200 से ज्यादा मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में बाइपास ऑपरेशन हो रहा है, जबकि करीब 500 मरीजों को हर दिन स्टेंट लगाया जा रहा है।