दिल्ली के पवित्रा भारद्वाज खुदकुशी मामले में जज के अवकाश पर होने के चलते मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अगली सुनवाई 6 जनवरी 2015 को होगी।
तीस हजारी स्थित महानगर दंडाधिकारी जगमिंदर सिंह की अदालत में मामले में सुनवाई होनी थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। मुख्य आरोपी जीके अरोड़ा को सत्र अदालत ने 24 सितंबर को अग्रिम जमानत दी थी।
अन्य आरोपी वीरेंद्र सिंह की अग्रिम याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इस पर 16 अक्तूबर को सुनवाई होगी, तब तक कोर्ट ने वीरेंद्र सिंह को गिरफ्तारी से राहत दी है।
पेश मामले में भीम राव अंबेडकर कॉलेज में भूगोल विभाग की लैब सहायक पवित्रा भारद्वाज ने जीके अरोड़ा व वीरेंद्र सिंह पर यौन प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए तीस सितंबर 2013 को दिल्ली सचिवालय के बाहर खुद को आग लगा ली थी।
उसकी इलाज के दौरान 7 अक्तूबर 2013 को मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में जीके अरोड़ा व वीरेंद्र सिंह को आरोपी बनाया था, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया था।
एमएम जगमिंदर सिंह ने सितंबर में पुलिस द्वारा पेश क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए आरोपियों को समन जारी कर 29 सितंबर को पेश होने का निर्देश दिया था।
उस दिन जिला अदालत में हड़ताल होने के कारण केस की सुनवाई नहीं हो सकी, इसलिए 7 अक्तूबर की तारीख तय की गई थी।