1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में दोषियों व सीबीआई की अपील का जल्द निपटारा करने के लिए मंगलवार से हाईकोर्ट में प्रतिदिन सुनवाई शुरू हो गई। हाईकोर्ट ने दंगा पीड़ितों की मांग पर विशेष पीठ बनाई थी। दंगा पीड़ितों का तर्क था कि यह मामला 34 साल पुराना है और उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है।
जस्टिस एस. मुरलीधर की अगुवाई वाली खंडपीठ ने सुनवाई करते कहा कि पहले उन लोगों को अपीलों का निपटारा किया जाएगा जो जेल में है। उसके बाद जमानत याचिका व एजेंसी की अपील पर सुनवाई होगी। हाईकोर्ट की पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल के समक्ष दंगा पीड़ितों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फूलका ने कहा था कि यह केस 34 साल पुराना है इसलिए इस मामले की जल्द सुनवाई की जाए। पीड़ितों को इतना समय बीत जाने के बाद भी न्याय नहीं मिला है।