सिविल अस्पताल की ग्रीन बेल्ट आज कल सुअरों का ठिकाना बना गई है। अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही मरीजों का इन जानवरों से सामना होता है। कई लोगों को तो ये जानवर घायल कर चुके हैं। लेकिन सिविल अस्पताल के अधिकारी हैं कि वे इस ग्रीन बैल्ट को साफ रखने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं और सरकार के स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
बता दें कि सिविल अस्पताल के मुख्य द्वार पर ग्रीन बैल्ट बनी हुई है। इसके आगे ग्रिल लगाई गईऱ् थी। ताकि इसमें पौधे एवं घास लगाकर इसको अच्छा और सुंदर बनाया जा सके। लकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लचर रवैये के कारण इस ग्रीन बैल्ट की ग्रिल को अज्ञात चोर तोड़कर बडे़ ही आराम से चोरी कर ले गए।
इस जगह पर सुअरों का ठिकाना बना हुआ है। सिविल अस्पताल के आसपास रहने वाले लोग इस ग्रीन बैल्ट में ही अपने घरों का कूड़ा डालने के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चों को शौच के लिए लाते हैं। जिससे यहां पर दुर्गंध मची रहती है।
सिविल अस्पताल में अपनी बीमारी का उपचार करवाने के लिए आने वाले मरीजों को नाक पर रुमाल रखकर इन जानवरों से बड़ी मुश्किल से बचकर अस्पताल में जाना पड़ता है।
ओमप्रकाश, गफ्फार, रशीदअहमद, सुलेमान, अकबर खां का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ भारत-स्वस्थ भारत अभियान को पलीता लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को इस ओर ध्यान रखना चाहिए। इस ग्रीन बैल्ट को विकसित करना चाहिए।
सफाई कर्मचारी लगाने के लिए बजट नहीं है। नगरपालिका के अधिकारियों से कहकर सोमवार को इस ग्रीन बैल्ट की सफाई करवाइ जाएगी। जो भी व्यक्ति यहां पर कूड़ा डालेगा या फिर अपने जानवर रखेगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाही की जाएगी। -डा. कमल मेहरा, कार्यकारी सिविल सर्जन नूंह।