रबी की फसल गेहूं की बुवाई के बाद दिसंबर माह में लगने वाला पहले पानी के लिए किसानों को भारी दिक्कत हो रही है। सिंचाई विभाग ने बल्लभगढ़-पियाला रजवाहा में अभी तक पानी नहीं छोड़ा है। इस रजवाहे से आधा दर्जन गांवों के खेतों की सिंचाई की जाती है।
हर वर्ष गेहूं की बुवाई का मौसम अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में शुरू हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए सिंचाई विभाग रजवाहों की सफाई कराता है। जिससे पानी के बहने में रुकावट न हो। लेकिन लगता है विभाग बल्लभगढ़-पियाला रजवाहे को भूल गया है।
तभी तो अभी भी रजवाहे में झाडिय़ां और घास खड़ी है। साथ ही अभी तक विभाग ने पानी भी नहीं छोड़ा गया है। इस रजवाहे में सेक्टर दो और 64 के मार्ग से सीवर लाइन का पानी पंप द्वारा डाला जाता है। रजवाहे में अभी भी सीवर लाइन का पानी बहता था। लेकिन, वह भी अब नहीं आ रहा है। रजवाहे पूरी तरह सूख गया है।
न सफाई की, न ही पानी छोड़ा
बल्लभगढ़-पियाला रजवाहे से ऊंचा गांव, साहुपुरा, मलेरना, सुनपेड़, जाजरू, सागरपुर, पियाला के खेतों की सिंचाई की जाती है। अब ऊंचा गांव और कुछ साहुपुरा की जमीन सेक्टरों के लिए हुडा ने अधिग्रहण कर ली है। अन्य गांवों की भूमि के लिए सिंचाई विभाग ने रजवाहे की न तो सफाई की और न ही पानी छोड़ा।-राहुल, गांव सागरपुर
सिंचाई विभाग इस रजवाहे की न सफाई करता है और न ही इसमें कभी भी खेतों की सिंचाई के लिए पानी नहीं छोड़ा जाता है। पानी के नाम पर सिर्फ सेक्टर 2ए 64 व 62 की सीवर लाइन का पानी अवश्य हुडा के अधिकारी पंप से डलवा देते हैं। अब यह रजवाहा किसानों के लिए काम का नहीं रह गया है।-बिजेंद्र, सुनपेड़
रजवाहों की काफी की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है और कई रजवाहे अभी बिना सफाई के रह गए हैं। गुडग़ांव नहर में पूरा पानी बह रहा है। फिलहाल नहर में 700 क्यूसेक पानी बह रहा है। जल्द ही पानी छोड़ा जाएगा।-बीएस रावत, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग।